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नवंबर, 2024 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

20 QUESTIONS PART - 4 (GK)

20 Questions for MPPSC PRELIMS  1. धर्मसूत्र क्या है, और इसका उद्देश्य क्या है? धर्मसूत्र में धर्म, वर्णधर्म, राजा के कर्तव्य, प्रायश्चित विधान, न्यायालयों की स्थापना, विवाह, विभाजन नियम, गृहस्थ कर्तव्यों का विवरण दिया गया है। यह ग्रंथ समाज के नैतिक और धार्मिक आचरण को निर्धारित करता है। यह स्मृतियों के विकास का आधार है। प्रमुख धर्मसूत्रों में गौतम, आपस्तम्ब, वशिष्ठ आदि का उल्लेख मिलता है। 2. 'शुल्ब सूत्र' का क्या महत्व है? शुल्ब सूत्र का अर्थ है नापने की डोरी। इसमें यज्ञ वेदियों की माप, स्थान चयन और निर्माण का वर्णन है। इसमें ज्यामिति और गणितीय अवधारणाओं का विस्तार से वर्णन मिलता है, जो वैदिक यज्ञ परंपरा में उपयोगी था 3. षड्दर्शन किससे संबंधित हैं? भारतीय दर्शन में षड्दर्शन के छह भाग हैं - सांख्य, योग, न्याय, वैशेषिक, मीमांसा और वेदांत। ये दर्शन आत्मा, परमात्मा, जीवन और मृत्यु के गहन विचारों पर केंद्रित हैं। 4. स्मृतियाँ क्या हैं? स्मृतियाँ वैदिक ग्रंथों पर आधारित नियम और विधियों का संग्रह हैं। ये धर्मशास्त्र के रूप में जाने जाते हैं। मनुस्मृति, याज्ञवल्क्य स्मृति, और नारद स्मृ...

20 QUESTIONS PART - 2 (GK)

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा 2025 यूनिट - 1.  प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत :  20 महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर 1. हड़प्पा सभ्यता की प्रशासनिक विशेषताएँ क्या थीं? उत्तर: हड़प्पा सभ्यता का प्रशासन केंद्रीकृत था। मोहनजोदड़ो और हड़प्पा में नगर नियोजन, जल निकासी, और विशाल अन्नागार इसकी विशेषताएँ थीं। मुहरों और लिपियों से व्यापार और नियंत्रण प्रणाली का पता चलता है। सत्ताधारी वर्ग संभवतः पुरोहित या व्यापारी वर्ग था। 2. वैदिक काल के समाज की प्रमुख विशेषताएँ क्या थीं? उत्तर: वैदिक काल में समाज चार वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र) में बँटा था। पारिवारिक व्यवस्था पितृसत्तात्मक थी। ऋग्वेद में कृषि, पशुपालन और यज्ञ पर बल था। महिलाओं को सम्मान मिला, लेकिन उत्तरवैदिक काल में उनकी स्थिति कमजोर हुई। 3. मौर्य प्रशासन की विशेषताएँ क्या थीं? उत्तर: मौर्य प्रशासन केंद्रीकृत और संगठित था। अशोक का धर्मपालन और प्रशासनिक सुधार उल्लेखनीय थे। अर्थशास्त्र में चाणक्य ने कर, सेना और न्याय प्रणाली की व्याख्या की। प्रांतीय प्रशासन महत्त्वपूर्ण था, और अधिकारी "महामात्र" नियुक्त किए गए थे। 4. ...

20 Questions Part - 1 (GK)

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा 2025 यूनिट - 1. भारत का इतिहास: महत्वपूर्ण 20 प्रश्न-उत्तर 1. भारतवर्ष की परिभाषा क्या है? उत्तर: भारतवर्ष का उल्लेख विष्णु पुराण में मिलता है। यह सात महासागरों से घिरे उस क्षेत्र का नाम है, जिसे राजा भरत ने शासित किया। यह क्षेत्र धर्म, संस्कृति, दर्शन और ज्ञान की भूमि के रूप में प्रसिद्ध है। इसे "जम्बूद्वीप" का भाग माना गया है, जिसमें लोग धर्म और नैतिकता के अनुसार जीवन व्यतीत करते थे। 2. वेद क्या हैं और उनकी विशेषताएँ क्या हैं? उत्तर: वेद प्राचीन भारतीय ज्ञान का आधार हैं। चार वेद हैं: ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद। ये धर्म, समाज और विज्ञान की संहिता हैं। ऋग्वेद में देवताओं की स्तुति, यजुर्वेद में यज्ञ विधि, सामवेद में संगीत, और अथर्ववेद में चिकित्सा व जीवन से संबंधित ज्ञान दिया गया है। 3. उपनिषदों का मुख्य उद्देश्य क्या है? उत्तर: उपनिषद वेदांत का हिस्सा हैं। इनका उद्देश्य आत्मा, ब्रह्म और मोक्ष के सिद्धांतों को स्पष्ट करना है। ये कर्मकांड से हटकर ध्यान, ज्ञान और सत्य के अन्वेषण पर आधारित हैं। इनमें "अहं ब्रह्मास्मि...

1. भारत का इतिहास: प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा (MPPSC Prelims)

भारत का इतिहास: प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा भारतीय सभ्यता, जो विश्व की सबसे प्राचीन और समृद्ध सभ्यताओं में से एक है, ने दर्शन, साहित्य, विज्ञान, और सामाजिक संरचना के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान दिया है। इसकी जड़ें वैदिक परंपरा, उपनिषदों के दर्शन, और बौद्ध-जैन विचारधारा में गहराई से निहित हैं। यहां भारतीय इतिहास के उन महत्वपूर्ण विचारों और संकल्पनाओं का वर्णन किया गया है जो हमारी सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को परिभाषित करते हैं- 1. भारतवर्ष अर्थ और परिभाषा : 'भारतवर्ष' शब्द भूगोल और संस्कृति का प्रतीक है। 'भारत' शब्द का उल्लेख 'भारत' राजवंश के संदर्भ में किया गया है, जो चंद्रवंशी राजा दुष्यंत और शकुंतला के पुत्र भरत से जुड़ा है। सांस्कृतिक एकता: ऋग्वेद में 'जम्बूद्वीप' और 'आर्यावर्त' के नाम से भारत का उल्लेख मिलता है। यह क्षेत्र सिर्फ एक भौगोलिक स्थान नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का प्रतीक है। महत्व: प्राचीन भारत में भौगोलिक विविधताओं के बावजूद सांस्कृतिक और धार्मिक एकता को बनाए रखने में 'भारतवर्ष' की अवधारणा का बड़ा योगद...