20 Questions for MPPSC PRELIMS
1. धर्मसूत्र क्या है, और इसका उद्देश्य क्या है?
धर्मसूत्र में धर्म, वर्णधर्म, राजा के कर्तव्य, प्रायश्चित विधान, न्यायालयों की स्थापना, विवाह, विभाजन नियम, गृहस्थ कर्तव्यों का विवरण दिया गया है। यह ग्रंथ समाज के नैतिक और धार्मिक आचरण को निर्धारित करता है। यह स्मृतियों के विकास का आधार है। प्रमुख धर्मसूत्रों में गौतम, आपस्तम्ब, वशिष्ठ आदि का उल्लेख मिलता है।
2. 'शुल्ब सूत्र' का क्या महत्व है?
शुल्ब सूत्र का अर्थ है नापने की डोरी। इसमें यज्ञ वेदियों की माप, स्थान चयन और निर्माण का वर्णन है। इसमें ज्यामिति और गणितीय अवधारणाओं का विस्तार से वर्णन मिलता है, जो वैदिक यज्ञ परंपरा में उपयोगी था
3. षड्दर्शन किससे संबंधित हैं?
भारतीय दर्शन में षड्दर्शन के छह भाग हैं - सांख्य, योग, न्याय, वैशेषिक, मीमांसा और वेदांत। ये दर्शन आत्मा, परमात्मा, जीवन और मृत्यु के गहन विचारों पर केंद्रित हैं।
4. स्मृतियाँ क्या हैं?
स्मृतियाँ वैदिक ग्रंथों पर आधारित नियम और विधियों का संग्रह हैं। ये धर्मशास्त्र के रूप में जाने जाते हैं। मनुस्मृति, याज्ञवल्क्य स्मृति, और नारद स्मृति प्रमुख हैं।
5. मनुस्मृति का महत्व क्या है?
मनुस्मृति समाज और धर्म व्यवस्था का प्राचीन ग्रंथ है। इसमें सामाजिक वर्ग, उनके कर्तव्य, और व्यवहारिक नियमों का वर्णन है। इसे प्राचीन भारतीय समाज का आधार माना जाता है।
6. लोकिक साहित्य के प्रमुख उदाहरण क्या हैं?
लोकिक साहित्य ऐतिहासिक और अर्ध-ऐतिहासिक ग्रंथों और जीवनी साहित्य को संदर्भित करता है। इसमें कौटिल्य का 'अर्थशास्त्र' और पाणिनि का 'अष्टाध्यायी' जैसे ग्रंथ शामिल हैं।
7. 'अर्थशास्त्र' का महत्व क्या है?
'अर्थशास्त्र' चाणक्य द्वारा रचित है। यह मौर्यकालीन शासन व्यवस्था, प्रशासन, और आर्थिक नीतियों का वर्णन करता है। यह भारत की प्राचीन अर्थव्यवस्था का अद्भुत स्रोत है।
8. पाणिनि का योगदान क्या है?
पाणिनि ने 'अष्टाध्यायी' रचा, जो संस्कृत व्याकरण का सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथ है। यह प्राचीन भारतीय भाषाई संरचना और संस्कृति को समझने का आधार है।
9. कालिदास के प्रमुख ग्रंथ कौन-कौन से हैं?
कालिदास प्राचीन भारत के महान कवि और नाटककार थे। उनके प्रमुख ग्रंथ 'अभिज्ञानशाकुंतलम्', 'रघुवंश', और 'मेघदूतम्' हैं। ये भारतीय साहित्य के उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
10. विदेशी यात्रियों का भारतीय इतिहास में योगदान क्या है?
विदेशी यात्रियों ने भारत के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन का वर्णन किया। इनके विवरण भारतीय इतिहास के अध्ययन में महत्वपूर्ण हैं।
11. हेरोडोटस को इतिहास का पिता क्यों कहा जाता है?
हेरोडोटस ने अपनी पुस्तक 'हिस्टोरिका' में प्राचीन ग्रीक-फारस संबंधों का वर्णन किया। उनकी रचनाओं ने इतिहास को व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत करने की परंपरा शुरू की।
12. मेगस्थनीज की 'इंडिका' का महत्व क्या है?
मेगस्थनीज ने चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में रहते हुए 'इंडिका' लिखी। इसमें मौर्य समाज, प्रशासन और संस्कृति का विस्तृत वर्णन है।
13. डायोनिसियस का भारत आगमन किस काल में हुआ?
डायोनिसियस बिंदुसार के दरबार में आया। उसने मौर्यकालीन समाज और प्रशासन पर महत्वपूर्ण जानकारी दी।
14. टॉलमी का भूगोल में योगदान क्या है?
टॉलमी ने 'भूगोल' नामक ग्रंथ लिखा, जो दूसरी शताब्दी का है। इसमें भारत सहित अन्य क्षेत्रों का मानचित्र और भौगोलिक जानकारी दी गई है।
15. 'नेचुरल हिस्टोरिया' के लेखक कौन हैं?
'नेचुरल हिस्टोरिया' प्लिनी द्वारा रचित है। इसमें भारतीय पेड़-पौधों और खनिजों का विस्तृत वर्णन है।
16. विदेशी यात्रियों ने भारतीय संस्कृति पर क्या प्रभाव डाला?
विदेशी यात्रियों ने भारत के रीति-रिवाज, धर्म और सामाजिक संरचना का वर्णन किया, जिससे प्राचीन भारत को समझने में मदद मिली।
17. भारतीय इतिहास में स्मृतियों की भूमिका क्या है?
स्मृतियाँ भारतीय समाज के कानून, धर्म और नैतिकता को संरचित करने का प्रयास करती हैं।
18. 'रघुवंश' किसने लिखा?
'रघुवंश' कालिदास द्वारा रचित एक महाकाव्य है। इसमें राजा रघु और उनके वंश का वर्णन है।
19. हेरोडोटस का भारत के लिए योगदान क्या है?
हेरोडोटस ने अपने ग्रंथ में भारतीय समाज और इसकी सांस्कृतिक विशेषताओं का वर्णन किया।
20. विदेशी यात्रियों का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
विदेशी यात्रियों ने भारत के प्राचीन सामाजिक, राजनीतिक, और धार्मिक जीवन का दस्तावेजीकरण किया।
---
ये प्रश्न MPPSC की तैयारी के लिए सहायक हैं।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें