1. ऐहोल अभिलेख का ऐतिहासिक महत्व क्या है? ऐहोल अभिलेख चालुक्य वंश के राजा पुलकेशिन द्वितीय के शासनकाल का महत्वपूर्ण प्रमाण है। इसे कवि रविकीर्ति ने लिखा। इसमें हर्षवर्धन की पराजय और चालुक्य साम्राज्य की विजय का उल्लेख है। यह दक्षिण भारत के गौरवशाली इतिहास को दर्शाता है। 2. मंद्रसोर अभिलेख का क्या महत्व है? उत्तर - मंदसौर अभिलेख गुप्तकालीन युग के प्रशासन और सामाजिक व्यवस्था का वर्णन करता है। इसमें मंदसौर के शासकों द्वारा बनवाए गए सूर्य मंदिर का विवरण है। 3. ग्वालियर अभिलेख में किसका उल्लेख है? उत्तर - ग्वालियर अभिलेख परमार वंश के शासकों की उपलब्धियों को दर्शाता है। इसमें प्रशासनिक और सांस्कृतिक योगदान का वर्णन मिलता है। 4. हर्षवर्धन के संदर्भ में पुलकेशिन द्वितीय का क्या योगदान है? उत्तर - पुलकेशिन द्वितीय ने हर्षवर्धन को पराजित किया और दक्षिण भारत में चालुक्य साम्राज्य को स्थापित किया। यह घटना ऐहोल अभिलेख में दर्ज है। 5. प्रागैतिहासिक काल को कैसे परिभाषित किया गया है? उत्तर - प्रागैतिहासिक काल वह समय है, जब कोई लिखित अभिलेख नहीं थे। इसे पुरापाषाण, मध्यपाषाण, और नवपाषाण काल में विभाजित ...
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