मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा 2025
यूनिट - 1.
भारत का इतिहास: महत्वपूर्ण 20 प्रश्न-उत्तर
1. भारतवर्ष की परिभाषा क्या है?
उत्तर: भारतवर्ष का उल्लेख विष्णु पुराण में मिलता है। यह सात महासागरों से घिरे उस क्षेत्र का नाम है, जिसे राजा भरत ने शासित किया। यह क्षेत्र धर्म, संस्कृति, दर्शन और ज्ञान की भूमि के रूप में प्रसिद्ध है। इसे "जम्बूद्वीप" का भाग माना गया है, जिसमें लोग धर्म और नैतिकता के अनुसार जीवन व्यतीत करते थे।
2. वेद क्या हैं और उनकी विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर: वेद प्राचीन भारतीय ज्ञान का आधार हैं। चार वेद हैं: ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद। ये धर्म, समाज और विज्ञान की संहिता हैं। ऋग्वेद में देवताओं की स्तुति, यजुर्वेद में यज्ञ विधि, सामवेद में संगीत, और अथर्ववेद में चिकित्सा व जीवन से संबंधित ज्ञान दिया गया है।
3. उपनिषदों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: उपनिषद वेदांत का हिस्सा हैं। इनका उद्देश्य आत्मा, ब्रह्म और मोक्ष के सिद्धांतों को स्पष्ट करना है। ये कर्मकांड से हटकर ध्यान, ज्ञान और सत्य के अन्वेषण पर आधारित हैं। इनमें "अहं ब्रह्मास्मि" और "तत्त्वमसि" जैसे महान विचार हैं।
4. आरण्यक और ब्राह्मण ग्रंथों का महत्व क्या है?
उत्तर: आरण्यक यज्ञकर्म और ध्यान का वर्णन करते हैं, जो वनों में रहने वाले ऋषियों के लिए उपयोगी थे। ब्राह्मण ग्रंथ यज्ञ विधि और कर्मकांड का विस्तृत विवरण देते हैं। ये वेदों की व्याख्या और समाज के लिए धार्मिक नियम निर्धारित करते हैं।
5. षड्दर्शन का महत्व क्या है?
उत्तर: भारतीय दर्शन के षड्दर्शन हैं: सांख्य, योग, न्याय, वैशेषिक, मीमांसा और वेदान्त। सांख्य सृष्टि की व्याख्या करता है, योग ध्यान और समाधि का मार्ग दिखाता है, न्याय और वैशेषिक तर्क और पदार्थ पर आधारित हैं, मीमांसा कर्मकांड पर, और वेदांत ब्रह्म पर केंद्रित है।
6. स्मृतियाँ क्या हैं और इनका महत्व क्या है?
उत्तर: स्मृतियाँ धर्मशास्त्र हैं, जो सामाजिक आचार, धर्म और राजनीति के नियमों को निर्धारित करती हैं। मनु स्मृति, याज्ञवल्क्य स्मृति, और नारद स्मृति इनमें प्रमुख हैं। इनका उद्देश्य वैदिक ज्ञान को समाज के लिए सुलभ बनाना था।
7. ऋत सभा और समिति क्या थीं?
उत्तर: वैदिक काल में ऋत सभा धार्मिक और समिति राजनीतिक निर्णय लेने वाली संस्थाएँ थीं। ऋत सभा यज्ञ और धार्मिक कर्मकांडों की देखरेख करती थी, जबकि समिति जनता और राजा के बीच संपर्क का माध्यम थी।
8. गणतंत्र प्रणाली का उदाहरण क्या है?
उत्तर: प्राचीन भारत में लिच्छवि गणराज्य और वज्जि संघ गणतंत्र प्रणाली के उत्कृष्ट उदाहरण थे। इन राज्यों में निर्णय सामूहिक रूप से लिए जाते थे। यह लोकतांत्रिक प्रणाली का आरंभिक रूप है।
9. वर्णाश्रम धर्म का क्या महत्व है?
उत्तर: वर्णाश्रम धर्म समाज को चार वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र) और चार आश्रमों (ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ, संन्यास) में विभाजित करता है। इसका उद्देश्य जीवन को व्यवस्थित करना और धार्मिक व सामाजिक संतुलन बनाए रखना था।
10. पुरुषार्थ के प्रकार और महत्व क्या हैं?
उत्तर: पुरुषार्थ चार प्रकार के हैं: धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष। धर्म नैतिकता का प्रतीक है, अर्थ जीवन निर्वाह का, काम इच्छाओं का, और मोक्ष अंतिम लक्ष्य है। ये जीवन को संतुलित और उद्देश्यपूर्ण बनाते हैं।
11. ऋण संस्कार का क्या उद्देश्य है?
उत्तर: ऋण संस्कार तीन प्रकार के हैं: देवऋण, पितृऋण, और ऋषिऋण। देवऋण पूजा द्वारा, पितृऋण पितरों का स्मरण करके, और ऋषिऋण ज्ञान प्राप्त करके चुकाया जाता है। इनसे व्यक्ति के धर्म और कर्तव्यों का बोध होता है।
12. पंचमहायज्ञ क्या हैं?
उत्तर: पंचमहायज्ञ हैं: देवयज्ञ (देवताओं की पूजा), पितृयज्ञ (पितरों की पूजा), भूतयज्ञ (प्राणियों की सेवा), ब्रह्मयज्ञ (ज्ञानार्जन), और अतिथियज्ञ (अतिथि सेवा)। ये समाज और प्रकृति के प्रति कर्तव्य को प्रकट करते हैं।
13. कर्म सिद्धांत का महत्व क्या है?
उत्तर: कर्म सिद्धांत के अनुसार, व्यक्ति अपने कर्मों के आधार पर सुख-दुख का अनुभव करता है। अच्छे कर्म पुण्य और बुरे कर्म पाप लाते हैं। यह सिद्धांत जीवन को नैतिकता और अनुशासन में बांधता है।
14. बोधिसत्व की परिभाषा क्या है?
उत्तर: बोधिसत्व वह व्यक्ति है जिसने बुद्धत्व प्राप्त कर लिया है लेकिन सभी प्राणियों की मुक्ति के लिए पुनः जन्म लेना स्वीकार किया। यह बौद्ध धर्म का आदर्श है।
15. तीर्थंकर कौन होते हैं?
उत्तर: तीर्थंकर जैन धर्म के धर्मगुरु होते हैं जो धर्म के मार्ग का प्रचार करते हैं। कुल 24 तीर्थंकर हुए, जिनमें प्रथम ऋषभदेव और अंतिम महावीर थे।
16. ऋग्वेद का प्रमुख विषय क्या है?
उत्तर: ऋग्वेद वैदिक ज्ञान का सबसे प्राचीन स्रोत है। इसमें देवताओं की स्तुति, यज्ञ विधियों और समाज के आदर्श जीवन का वर्णन है। इसमें अग्नि, इंद्र, वरुण आदि देवताओं का महत्व है।
17. यज्ञ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: यज्ञ वैदिक धर्म का प्रमुख अंग है। इसका उद्देश्य देवताओं को प्रसन्न करना, जीवन की शुद्धि, और समाज में सामंजस्य बनाए रखना है।
18. आरण्यकों का क्या उद्देश्य है?
उत्तर: आरण्यक उन ऋषियों के लिए लिखे गए जो वनों में साधना करते थे। इनमें ध्यान, यज्ञ और आध्यात्मिक चिंतन का समावेश है।
19. वेदों और उपनिषदों में अंतर क्या है?
उत्तर: वेद कर्मकांड और यज्ञ पर केंद्रित हैं, जबकि उपनिषद दार्शनिक और आध्यात्मिक ज्ञान पर। वेद प्रकृति और धर्म के लिए हैं, जबकि उपनिषद मोक्ष के लिए।
20. भारत में गणराज्य का विकास कैसे हुआ?
उत्तर: प्राचीन भारत में गणराज्य व्यवस्था लिच्छवि और मल्ल संघ जैसे राज्यों में देखी गई। यह प्रणाली सामूहिक निर्णय और जनप्रतिनिधि आधारित थी।
ये प्रश्न एमपीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के लिए उपयोगी हैं।

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