भारतीय संविधान में कुल 395 अनुच्छेद (मूल रूप में) थे, जिन्हें 22 भागों और 8 अनुसूचियों में विभाजित किया गया था। वर्तमान में संशोधनों के बाद अनुच्छेदों की संख्या बढ़ गई है। ये अनुच्छेद भारत के शासन, नागरिकों के अधिकारों, न्यायपालिका, केंद्र-राज्य संबंधों, आपातकालीन प्रावधानों, और अन्य विषयों को परिभाषित करते हैं।
यहाँ प्रमुख अनुच्छेदों का विस्तारपूर्वक विवरण दिया गया है:
भाग III: मौलिक अधिकार (Fundamental Rights)
अनुच्छेद 12-35
मौलिक अधिकार नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करते हैं और उन्हें राज्य के किसी भी अनुचित कार्य से बचाते हैं।
1. अनुच्छेद 14: समानता का अधिकार
कानून के समक्ष समानता और कानून का समान संरक्षण।
किसी भी प्रकार के भेदभाव का निषेध।
2. अनुच्छेद 15: धर्म, जाति, लिंग, भाषा आदि के आधार पर भेदभाव का निषेध।
कोई भी नागरिक सार्वजनिक स्थानों और सुविधाओं का उपयोग करने से वंचित नहीं किया जा सकता।
3. अनुच्छेद 16: रोजगार के अवसरों में समानता।
सरकारी नौकरियों में समान अवसर का अधिकार।
4. अनुच्छेद 19: स्वतंत्रता का अधिकार।
स्वतंत्रता के 6 प्रकार जैसे वाक् और अभिव्यक्ति, आंदोलन, संगठन आदि।
5. अनुच्छेद 21: जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार।
बिना कानून के किसी की स्वतंत्रता को छीना नहीं जा सकता।
इसमें "निजता का अधिकार" (Right to Privacy) भी शामिल है।
6. अनुच्छेद 32: संवैधानिक उपचार का अधिकार।
यदि मौलिक अधिकार का हनन होता है, तो व्यक्ति सुप्रीम कोर्ट जा सकता है।
भाग IV: राज्य के नीति-निर्देशक सिद्धांत (Directive Principles of State Policy)
अनुच्छेद 36-51
इन अनुच्छेदों का उद्देश्य राज्य को सामाजिक और आर्थिक न्याय प्रदान करना है।
1. अनुच्छेद 39: पुरुष और महिलाओं को समान कार्य के लिए समान वेतन।
संसाधनों का समान वितरण।
2. अनुच्छेद 40: ग्राम पंचायतों का संगठन।
लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण को बढ़ावा देना।
3. अनुच्छेद 44: पूरे भारत में समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रयास।
भाग IV(A): मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties)
अनुच्छेद 51A: नागरिकों के 11 मौलिक कर्तव्य जैसे संविधान का पालन करना, राष्ट्रीय ध्वज और प्रतीकों का सम्मान करना, पर्यावरण की रक्षा करना आदि।
भाग V: केंद्र सरकार
अनुच्छेद 52-151
1. अनुच्छेद 53: राष्ट्रपति के कार्यकारी अधिकार। राष्ट्रपति संघ के कार्यकारी प्रमुख हैं।
2. अनुच्छेद 74: राष्ट्रपति को प्रधान मंत्री और मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार कार्य करना होगा।
3. अनुच्छेद 76: अटॉर्नी जनरल की नियुक्ति और कर्तव्य।
4. अनुच्छेद 123: राष्ट्रपति द्वारा अध्यादेश जारी करने की शक्ति।
भाग VI: राज्य सरकार
अनुच्छेद 152-237
1. अनुच्छेद 154: राज्यपाल का कार्यकारी अधिकार।
राज्यपाल राज्य का कार्यकारी प्रमुख होता है।
2. अनुच्छेद 213: राज्यपाल द्वारा अध्यादेश जारी करने की शक्ति।
भाग IX: पंचायत
अनुच्छेद 243-243O: पंचायत राज व्यवस्था के लिए प्रावधान।
भाग XI: केंद्र-राज्य संबंध
अनुच्छेद 245-263
1. अनुच्छेद 246: विषय सूची का विभाजन।
केंद्र, राज्य और समवर्ती सूची के अनुसार विधायन की शक्ति।
2. अनुच्छेद 256-261:
केंद्र और राज्य के बीच प्रशासनिक संबंध।
भाग XII: वित्त, संपत्ति, और कराधान
अनुच्छेद 264-300A
1. अनुच्छेद 280: वित्त आयोग की स्थापना।
2. अनुच्छेद 300A: किसी की संपत्ति को बिना कानून के अधिग्रहण नहीं किया जा सकता।
आपातकालीन प्रावधान (Emergency Provisions)
अनुच्छेद 352-360
1. अनुच्छेद 352: राष्ट्रीय आपातकाल।
युद्ध, बाहरी आक्रमण या आंतरिक विद्रोह के कारण घोषित।
2. अनुच्छेद 356: राज्य आपातकाल।
राज्य की संवैधानिक मशीनरी के विफल होने पर राष्ट्रपति शासन।
3. अनुच्छेद 360: वित्तीय आपातकाल।
वित्तीय स्थिरता के खतरे पर लागू।
निष्कर्ष: भारतीय संविधान के अनुच्छेद न केवल प्रशासन की संरचना और संचालन को सुनिश्चित करते हैं, बल्कि नागरिकों को अधिकार और कर्तव्य भी प्रदान करते हैं। ये अनुच्छेद लोकतंत्र, न्याय और समानता के सिद्धांतों को स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें