मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के दृष्टिकोण से स्वेज नहर और पनामा नहर का निर्माण और उनका ऐतिहासिक महत्व जानना उपयोगी है। इन दोनों नहरों ने विश्व व्यापार और समुद्री परिवहन को क्रांतिकारी रूप से बदल दिया।
1. स्वेज नहर
निर्माण और समयावधि:
शुरुआत: 25 अप्रैल 1859
पूर्णता: 17 नवंबर 1869
स्थान: मिस्र (भूमध्य सागर और लाल सागर को जोड़ती है)
निर्माता: फ्रांसीसी इंजीनियर फर्डिनेंड डी लेसेप्स
लंबाई: लगभग 193 किलोमीटर
ऐतिहासिक महत्व:
1. भौगोलिक उपयोगिता: यूरोप और एशिया के बीच समुद्री मार्ग को 7,000 किलोमीटर तक कम किया
2. व्यापार में क्रांति: यूरोपीय देशों और भारत, चीन जैसे एशियाई देशों के बीच व्यापार सुगम हो गया।
3. राजनीतिक महत्व: ब्रिटिश साम्राज्य के लिए यह नहर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रही।
4. आधुनिक युग में भूमिका: यह नहर आज भी वैश्विक व्यापार के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
2. पनामा नहर
निर्माण और समयावधि:
शुरुआत: 1 जनवरी 1881 (फ्रांस द्वारा)
रुकावट: फ्रांस को आर्थिक और इंजीनियरिंग कठिनाइयों के कारण परियोजना छोड़नी पड़ी।
पुनः निर्माण: 1904 में अमेरिका द्वारा शुरू किया गया।
पूर्णता: 15 अगस्त 1914
स्थान: पनामा (अटलांटिक और प्रशांत महासागर को जोड़ती है)
निर्माता: अमेरिकी इंजीनियरों की देखरेख में पूरा हुआ।
लंबाई: लगभग 82 किलोमीटर
ऐतिहासिक महत्व:
1. समुद्री परिवहन में क्रांति: यह नहर प्रशांत और अटलांटिक महासागरों के बीच समुद्री मार्ग को हजारों किलोमीटर तक कम करती है।
2. अंतरराष्ट्रीय व्यापार: अमेरिका और लैटिन अमेरिकी देशों के लिए व्यापार और परिवहन अधिक सुलभ हो गया।
3. रणनीतिक भूमिका: अमेरिका के लिए यह आर्थिक और सैन्य दृष्टि से महत्वपूर्ण मार्ग है।



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