सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

भारत के उपराष्ट्रपति एवं उनका कार्यकाल

भारत के उपराष्ट्रपति और उनका कार्यकाल की सूची:

1. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (1952-1962)

कार्यकाल: 13 मई 1952 - 12 मई 1962

महत्वपूर्ण कार्य:

पहले उपराष्ट्रपति और विद्वान। भारत में शिक्षा और दर्शन के क्षेत्र में योगदान।


2. डॉ. ज़ाकिर हुसैन (1962-1967)

कार्यकाल: 13 मई 1962 - 12 मई 1967

महत्वपूर्ण कार्य:

शिक्षा के क्षेत्र में योगदान। बाद में भारत के राष्ट्रपति बने।


3. वी.वी. गिरि (1967-1969)

कार्यकाल: 13 मई 1967 - 3 मई 1969

महत्वपूर्ण कार्य:

श्रमिक वर्ग के हितों का समर्थन। कार्यवाहक राष्ट्रपति बने।


4. गोपाल स्वरूप पाठक (1969-1974)

कार्यकाल: 31 अगस्त 1969 - 30 अगस्त 1974

महत्वपूर्ण कार्य:

पहले गैर-कांग्रेसी उपराष्ट्रपति।


5. बी.डी. जत्ती (1974-1979)

कार्यकाल: 31 अगस्त 1974 - 30 अगस्त 1979

महत्वपूर्ण कार्य:

कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में भी कार्य किया।


6. मो. हिदायतुल्ला (1979-1984)

कार्यकाल: 31 अगस्त 1979 - 30 अगस्त 1984

महत्वपूर्ण कार्य:

भारत के मुख्य न्यायाधीश भी रहे।


7. आर. वेंकटरमन (1984-1987)

कार्यकाल: 31 अगस्त 1984 - 24 जुलाई 1987

महत्वपूर्ण कार्य:

बाद में राष्ट्रपति बने।


8. डॉ. शंकर दयाल शर्मा (1987-1992)

कार्यकाल: 3 सितंबर 1987 - 24 जुलाई 1992

महत्वपूर्ण कार्य:

राष्ट्रपति बनने से पहले यह पद संभाला।


9. के.आर. नारायणन (1992-1997)

कार्यकाल: 21 अगस्त 1992 - 24 जुलाई 1997

महत्वपूर्ण कार्य:

पहले दलित उपराष्ट्रपति। बाद में भारत के राष्ट्रपति बने।


10. कृष्ण कांत (1997-2002)

कार्यकाल: 21 अगस्त 1997 - 27 जुलाई 2002

महत्वपूर्ण कार्य:

राष्ट्रीय एकता और अखंडता के पक्षधर।


11. भैरोंसिंह शेखावत (2002-2007)

कार्यकाल: 19 अगस्त 2002 - 21 जुलाई 2007

महत्वपूर्ण कार्य:

राजस्थान के मुख्यमंत्री रह चुके थे।


12. हामिद अंसारी (2007-2017)

कार्यकाल: 11 अगस्त 2007 - 11 अगस्त 2017

महत्वपूर्ण कार्य:

लगातार दो बार उपराष्ट्रपति बनने वाले दूसरे व्यक्ति।


13. एम. वेंकैया नायडू (2017-2022)

कार्यकाल: 11 अगस्त 2017 - 10 अगस्त 2022

महत्वपूर्ण कार्य:

भारतीय संस्कृति और किसानों के हितों को बढ़ावा दिया।


14. जगदीप धनखड़ (2022-वर्तमान)

कार्यकाल: 11 अगस्त 2022 - वर्तमान


महत्वपूर्ण 

कार्य:

संवैधानिक जिम्मेदारियों के प्रति समर्पण।

नोट: भारत के उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति के रूप में भी कार्य करते हैं और उनकी भूमिका संसद के सुचारु संचालन में अहम होती है।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

5-11 मई 2025 करेंट अफेयर्स

C URRENT   A FFAIRS   Date - 05-11/05/2025 🙋यहाँ 5 मई से 11 मई 2025 तक के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स पर आधारित महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर प्रस्तुत किए गए हैं, जो MPPSC, UPPSC, बैंकिंग, रेलवे, SSC आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपयोगी हैं: ✍️ 🌐 अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रम प्रश्न : हाल ही में किस देश ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के खतरों पर अंतर्राष्ट्रीय कार्रवाई का आह्वान किया है? उत्तर : संयुक्त राष्ट्र (UN)। प्रश्न : 2025 में G7 शिखर सम्मेलन की मेजबानी कौन सा देश करेगा? उत्तर : इटली। प्रश्न : किस अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए विकासशील देशों को नई वित्तीय सहायता प्रदान करने की घोषणा की है? उत्तर : विश्व बैंक (World Bank)। प्रश्न : हाल ही में किन दो देशों ने संयुक्त रूप से अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू करने की घोषणा की है? उत्तर : भारत और जापान। प्रश्न : किस देश में हाल ही में आए शक्तिशाली भूकंप के कारण भारी जान-माल का नुकसान हुआ है? उत्तर : इंडोनेशिया। 🇮🇳 राष्ट्रीय घटनाक्रम प्रश...

भारत में अंग्रेजों के शासनकाल के दौरान कई प्रमुख कानून (एक्ट)

भारत में अंग्रेजों के शासनकाल के दौरान कई प्रमुख कानून (एक्ट) पारित किए गए, जो प्रशासन, सामाजिक सुधार, और राजनीति को प्रभावित करते थे। ये एक्ट ब्रिटिश शासन के उद्देश्यों और भारतीय समाज पर उनके प्रभाव को समझने में मदद करते हैं। निम्नलिखित में प्रमुख एक्ट्स का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. रेग्युलेटिंग एक्ट, 1773 (Regulating Act) उद्देश्य: ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासन में सुधार करना और ब्रिटिश संसद का नियंत्रण स्थापित करना। मुख्य प्रावधान: बंगाल के गवर्नर को गवर्नर-जनरल का दर्जा दिया गया। मद्रास और बॉम्बे की प्रेसिडेंसियों को गवर्नर-जनरल के अधीन कर दिया गया। कलकत्ता में सुप्रीम कोर्ट की स्थापना की गई। प्रभाव: यह पहला कानून था, जिसने ब्रिटिश सरकार को ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासन में हस्तक्षेप करने का अधिकार दिया। 2. पिट्स इंडिया एक्ट, 1784 (Pitt's India Act) उद्देश्य: कंपनी के व्यापारिक और प्रशासनिक कार्यों को अलग करना और नियंत्रण को सुदृढ़ बनाना। मुख्य प्रावधान: एक नया बोर्ड ऑफ कंट्रोल बनाया गया, जो ब्रिटिश सरकार के अधीन था। कंपनी के प्रशासन में सरकार का नियंत्रण बढ़ा। प्रभाव: कंपनी ...

बड़ी खबर: MP बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट कल शाम 5 बजे घोषित होगा, माननीय मुख्यमंत्री करेंगे परिणाम जारी!

बड़ी खबर: MP बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट कल शाम 5 बजे घोषित होगा, माननीय मुख्यमंत्री करेंगे परिणाम जारी! मध्यप्रदेश के लाखों छात्रों का इंतजार अब खत्म! कल दिनांक 06 मई 2025, शाम 5 बजे मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) की ओर से कक्षा 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम घोषित किया जाएगा। इस बार परिणाम को विशेष रूप से प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भोपाल में घोषित किया जाएगा। जो भी छात्र/छात्राएं MP Board Result 2025 देखना चाहते हैं, वे नीचे दिए गए किसी भी लिंक पर क्लिक कर अपना परिणाम देख सकते हैं: Result यहां देखने के लिए यहां क्लिक करें :     https://mpbse.nic.in     https://mpbse.nic.in/results.html     https://mpresults.nic.in     https://mpbse.mponline.gov.in     https://results.gov.in     https://indiaresults.com छात्र अपने रोल नंबर और एप्लीकेशन नंबर डालकर अपना रिजल्ट आसानी से देख सकते हैं। सुझाव: रिजल्ट जारी होते ही वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक हो सकता है, इसलिए धैर्य रखें और वैकल्पिक लिंक का उपयोग करें।...