1. फाह्यान की भारत यात्रा के उद्देश्य क्या थे?
उत्तर - फाह्यान गुप्त राजा चंद्रगुप्त विक्रमादित्य (375-415 ई.) के शासनकाल में भारत आए। उनका उद्देश्य मध्यदेश की सामाजिक और सांस्कृतिक व्यवस्था को समझना था। उन्होंने भारतीय समाज को "सुखी और समृद्ध" बताया। उनकी यात्रा ने गुप्तकालीन भारत की बौद्धिक और सांस्कृतिक समृद्धि को उजागर किया।
2. ह्वेनसांग का भारत में योगदान क्या है?
उत्तर - ह्वेनसांग 629 ई. में भारत आए। उन्होंने 16 वर्षों तक भारत भ्रमण किया और अपनी पुस्तक "सी-यू-की" में भारतीय समाज, धर्म, और राजनीति का वर्णन किया। नालंदा और विक्रमशिला जैसे विश्वविद्यालयों का विवरण उनकी रचनाओं में मिलता है।
3. अलबरूनी का भारतीय इतिहास में महत्व क्या है?
उत्तर - अलबरूनी ने "किताब-उल-हिंद" में भारतीय समाज और विज्ञान का विश्लेषण किया। वे महमूद गज़नवी के साथ भारत आए। उनकी कृति ने भारतीय गणित, ज्योतिष, और धर्म की जानकारी को अरब दुनिया में फैलाया।
4. चीनी यात्रियों के विवरण भारतीय इतिहास के लिए कैसे उपयोगी हैं?
उत्तर - चीनी यात्रियों, जैसे फाह्यान, सुंगयुन, और ह्वेनसांग, ने तत्कालीन भारतीय समाज, धर्म, और शिक्षा प्रणाली का प्रामाणिक वर्णन दिया। उनके वृत्तांत इतिहास पुनर्निर्माण के महत्वपूर्ण स्रोत हैं।
5. अरेबिक यात्रियों ने भारत के बारे में क्या जानकारी दी?
उत्तर - अरब यात्री, जैसे इब्नबतूता और अलबरूनी, ने भारतीय समाज, व्यापार, और राजनीतिक व्यवस्थाओं का वर्णन किया। इब्नबतूता की "रिहला" और अलबरूनी की "किताब-उल-हिंद" प्रमुख कृतियाँ हैं।
6. अभिलेखों का अध्ययन भारतीय इतिहास में कैसे सहायक है?
उत्तर - अभिलेख पत्थरों, स्तंभों, और मुद्राओं पर उत्कीर्ण होते हैं। वे राजाओं के शासकीय कार्यों, सामाजिक व्यवस्थाओं, और धार्मिक नीतियों को दर्शाते हैं। उदाहरण: अशोक के शिलालेख।
7. अशोक के अभिलेखों का महत्व क्या है?
उत्तर - अशोक के अभिलेख बौद्ध धर्म के प्रचार, धम्म नीति, और प्रशासनिक आदेशों की जानकारी प्रदान करते हैं। इनमें जनता के लिए नैतिक उपदेश दिए गए हैं।
8. प्रयाग प्रशस्ति का इतिहास में महत्व क्या है?
उत्तर - प्रयाग प्रशस्ति हर्षवर्धन के समय की महत्वपूर्ण रचना है। इसे हरिषेण ने लिखा। इसमें हर्ष के युद्ध, दान, और प्रशासन का विवरण है।
9. नालंदा विश्वविद्यालय के बारे में ह्वेनसांग का क्या विवरण है?
उत्तर - ह्वेनसांग के अनुसार, नालंदा एक प्रमुख शिक्षण संस्थान था, जहाँ हजारों विद्यार्थी और शिक्षक अध्ययन करते थे। यहाँ बौद्ध धर्म, चिकित्सा, और खगोलशास्त्र पढ़ाए जाते थे।
10. भीमबेटका के गुफाचित्र किस युग के हैं?
उत्तर - भीमबेटका गुफाचित्र पुरापाषाण युग से संबंधित हैं। यहाँ के चित्र मानव जीवन, शिकार, और सांस्कृतिक गतिविधियों को दर्शाते हैं।
11. पुरापाषाण काल के औजार कौन-कौन से थे?
उत्तर - पुरापाषाण काल में कुल्हाड़ी, हैंड-एक्स, और खुरचनी जैसे औजारों का उपयोग होता था। ये औजार पत्थरों से बने होते थे।
12. हड़प्पा सभ्यता का प्रमुख धर्म क्या था?
उत्तर - हड़प्पा सभ्यता में मातृदेवी की पूजा और पशुपति का आदर किया जाता था। ये धर्म प्रकृति-पूजा पर आधारित था।
13. बोगजकोई अभिलेख का महत्व क्या है?
उत्तर - बोगजकोई अभिलेख वेदकालीन देवताओं (इंद्र, मित्र, वरुण) का उल्लेख करता है। यह भारत-विदेश संपर्क का प्रमाण है।
14. संस्कृत साहित्य का विकास गुप्तकाल में कैसे हुआ?
उत्तर - गुप्तकाल में संस्कृत साहित्य, जैसे कालिदास की कृतियाँ, चरक और सुश्रुत के चिकित्सा ग्रंथ, और पाणिनि के व्याकरण का विकास हुआ।
15. मौर्य काल में आर्थिक व्यवस्था कैसी थी?
उत्तर - मौर्य काल में कृषि और व्यापार की समृद्धि थी। पाटलिपुत्र व्यापार का मुख्य केंद्र था। राज्य नियंत्रण अर्थव्यवस्था पर था।
16. इब्नबतूता का भारत पर क्या दृष्टिकोण था?
उत्तर - इब्नबतूता ने अपनी यात्रा-वृत्तांत "रिहला" में भारत की समृद्धि और सांस्कृतिक विविधता का वर्णन किया।
17. भारतवर्ष शब्द का सबसे प्राचीन उल्लेख कहाँ मिलता है?
उत्तर - "भारतवर्ष" शब्द का प्राचीन उल्लेख कलिंग नरेश खारवेल के अभिलेख में मिलता है।
18. अशोक ने धर्म प्रचार के लिए कौन से प्रयास किए?
उत्तर - अशोक ने धम्म के प्रचार के लिए शिलालेखों, स्तंभों, और यात्राओं का आयोजन किया। उन्होंने अहिंसा और नैतिकता को बढ़ावा दिया।
19. पंचायती राज व्यवस्था का उल्लेख किस अभिलेख में है?
उत्तर - पंचायती राज व्यवस्था का उल्लेख मौर्यकालीन और गुप्तकालीन अभिलेखों में मिलता है।
20. भारत का प्रागैतिहासिक काल किन-किन भागों में विभाजित है?
उत्तर - प्रागैतिहासिक काल तीन भागों में बाँटा गया है: पुरापाषाण, मध्यपाषाण, और नवपाषाण काल। प्रत्येक का विशिष्ट सांस्कृतिक महत्व है।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें